मेरठ : मात्र 3600 रुपये के लिए राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का की निर्मम हत्या, आरोपी चंडीगढ़ से गिरफ्तार - AZAD NEWS

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मेरठ : राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी 17 वर्षीय अनुष्का की लापता होने के डेढ़ महीने बाद पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा किया। फास्टफूड विक्रेता श्याम धानक ने मात्र 3600 रुपये के उधार को लेकर ईंट से सिर पर वार कर अनुष्का की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को शोभापुर पुलिस चौकी से महज 50 मीटर दूर नाले में फेंक दिया गया।

पुलिस ने आरोपी श्याम धानक को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी ने 15 अप्रैल की रात करीब 11 बजे शोभापुर चौकी के पास अनुष्का की हत्या की। झगड़े के दौरान अनुष्का ने विरोध किया तो आरोपी ने ईंट उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया।

घटना की पूरी कहानी
अनुष्का दौराला थाना क्षेत्र के चिरोड़ी गांव की रहने वाली थी। वह इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए कंकरखेड़ा के शोभापुर इलाके में भाई अनमोल के साथ किराए के मकान में रहती थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह कबड्डी का अभ्यास भी करती थी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी।

श्याम धानक रोहटा फ्लाईओवर के पास फास्टफूड सेंटर चलाता था। अनुष्का अक्सर वहां खाना खाने जाती थी और उसके ऊपर 3600 रुपये उधार हो गए थे। आरोपी रुपये मांगता था, लेकिन जब अनुष्का कुछ दिन में देने की बात करती तो झगड़ा हो जाता। 15 अप्रैल की रात को झगड़ा बढ़ गया। अनुष्का ने कड़ा विरोध किया तो आरोपी ने गुस्से में आकर ईंट से हमला कर दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को रोहटा रोड पर स्थित नाले में फेंक दिया।

पुलिस की लापरवाही और गिरफ्तारी
परिजनों ने 10 दिन बाद कंकरखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से मामला नहीं लिया। जब शनिवार को परिजन एडीजी भानु भास्कर और एसएसपी अविनाश पांडेय के कार्यालय पहुंचे तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस अलर्ट हुई।

पुलिस ने आरोपी श्याम धानक को दो बार पहले भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन वह राज नहीं उगला। आखिरकार चंडीगढ़ से गिरफ्तार करने के बाद उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने शव के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं।

आरोपी का आपराधिक इतिहास
पूछताछ में पता चला कि श्याम धानक पर पहले भी लालकुर्ती थाने में हत्या का मामला दर्ज है। वह 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। अनुष्का की हत्या के बाद से उसकी फास्टफूड दुकान बंद पड़ी थी।

परिवार और गांव पर छाया मातम
अनुष्का के पिता नेमपाल ने बताया, “जब अनुष्का मेडल जीतकर गांव लौटती थी तो पूरा गांव झूम उठता था। हम सोचते थे कि बेटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी, लेकिन 3600 रुपये के लिए किसी ने उसकी जान ले ली।”

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