कानपुर-रेलवे का एस्टीमेट न मिलने से अटका जरीबचौकी अंडरपास, सेतु निगम का दावा- रेलवे ने नहीं दिया जवाब

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कानपुर में अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को रेलवे बोर्ड ने भले ही मंजूरी दे दी है, लेकिन रेलवे की वजह से ही जरीबचौकी क्रॉसिंग पर बनने वाला अंडरपास अटका हुआ है। दरअसल, रेलवे ने अभी तक अपने हिस्से के अंडरपास का एस्टीमेट सेतु निगम को नहीं दिया है। इस एस्टीमेट के मिलने के बाद ही सेतु निगम अपनी फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेज पाएगा। 


डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी को सौंपी गई है। इस कंपनी ने शुरुआती डीपीआर तैयार कर ली है, जिसकी अनुमानित लागत 680 करोड़ रुपये है। इसमें निर्माण कार्य से लेकर पाइपलाइनों, सीवर लाइनों, विद्युत केबिलों, संचार केबलों आदि की शिफ्टिंग की लागत शामिल है, पर इसमें पूर्वोत्तर रेलवे का एस्टीमेट नहीं जुड़ा है। इसलिए इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। सेतु निगम ने एस्टीमेट के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को कई पत्र लिखने के साथ ही वार्ता भी की।


अंडरपास में चार रास्ते होंगे। अंडरपास दर्शनपुरवा से बनना शुरू होगा। यह चार लेन का होगा। जीटी रोड पर गुमटी की तरफ और अफीमकोठी की तरफ दो-दो लेन का बनेगा। चौथा रास्ता संगीत टाॅकीज रोड की तरफ बनाया जाएगा, ताकि कालपी रोड से आकर सेंट्रल स्टेशन की तरफ जाने-आने वाले वाहनों को चक्कर लगाकर न जाना पड़े। चारों रास्तों की लंबाई करीब 400-400 मीटर होगी



एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की शुरुआत अनवरगंज रेलवे स्टेशन के ठीक बगल में स्थित तेजाब मिल कैंपस रेलवे क्राॅसिंग के बाद से होगी। इस वजह से जरीबचौकी में एलिवेटेड ट्रैक इतना ज्यादा ऊंचा नहीं हो पाएगा, जिसके नीचे से बस, ट्रक, डंपर, ट्रैलर आदि आसानी से निकल सकें।


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